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फ़ासले

यूं तो मुझे मालूम है कि फ़ासले है और रहेंगें, पर कभी ये फ़ासले तनहाइयों को इतना गहरा जाते है कि मन डूब सा जाता है । तुम कहो तो इन फ़ासलों को बांधकर एक पुल बना कर तुम्हारे पास आ जाऊ...