नाराज़

मैं हजार कोशिशें 
कर भी लूं अगर
तुम्हें भुलाने की,
एक बार को कह भी दूँ
कि तुमसे नाराज़ हूं

लेकिन सच तो ये ही है
कि ना तुमसे 
नाराज़ रहा जा सकता है
ना भुलाया ही 
जा सकता है।

-शालिनी पाण्डेय 

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