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मोहब्बत

तन्हाई में भी तन्हा ना होने दे मोहब्बत,
रुसवाइयों में भी रुसवा ना होने दे मोहब्बत।

यादों की एक महफ़िल है मोहब्बत,
जब तू नहीं तो तेरा जिक्र है मोहब्बत।

-शालिनी पाण्डेय

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