कुहासा

सर्द मौसम में
जब कुहासे ने
ढक लिया
तो मैंने
प्यार की लौ
जलाई
और झोंक दिए
उसमें अपने
सारे सपने
एक-एक करके।

- शालिनी पाण्डेय

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