अगर हम सजीव है तो
भावुक हो जाना
एक स्वाभाविक घटना है
वैसे ही जैसे कि
उत्साहित हो जाना,
बशर्ते सभ्यता के ढोंग ने
हमें पूर्णतः अस्वभाविक
ना बना दिया हो।
- शालिनी पाण्डेय
शब्द मेरी भावनाओं के चोले में
अगर हम सजीव है तो
भावुक हो जाना
एक स्वाभाविक घटना है
वैसे ही जैसे कि
उत्साहित हो जाना,
बशर्ते सभ्यता के ढोंग ने
हमें पूर्णतः अस्वभाविक
ना बना दिया हो।
- शालिनी पाण्डेय
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