एक रिश्ता

एक रिश्ता
लंबे संवाद का
गहरे अहसास का
द्वंदों को उजागर करने का
विचारों पर बहस करने का

एक रिश्ता
ग़ज़लों को सुनने का
साहित्य को समझने का
गीतों को गुनगुनाने का
सांझ में याद आने का

एक रिश्ता
एक टक देखने का
ख्यालों में खो जाने का
फ़ुरसत में इंतज़ार करने का
खामोशी को पहचानने का

कुछ ऐसा ही है ना
रिश्ता तेरे और मेरे प्यार का

- शालिनी पाण्डेय

Comments

Popular posts from this blog

वो लौट आएँगे, फिर से पिता बनकर

हिमालय की अछूती खूबसूरती: पंचाचूली बेस कैंप ट्रैक

दीवार में एक खिड़की रहती थी- पुस्तक समीक्षा