तुम्हारे साथ

तुम्हारे साथ गुज़ारे गए
खामोशी के चंद लम्हें
ना जाने क्यूं

दुनिया जहान की आवाज
में बिताये सैकड़ों लम्हों से

कई गुना खूबसूरत और
समझ देने वाले है।

- शालिनी पाण्डेय

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