लबों तक ना लायी जा सके
वो बात हो तुम
जीने की लिए बेहद जरूरी
साज़ हो तुम
अकेले में घेर लेने वाली
बैचैनी हो तुम
करीबी से पनपता हुआ
गहरा दर्द हो तुम
अब तक का सबसे हसीन
अहसास हो तुम
इसलिए
बेहद खास हो तुम ।
-शालिनी पाण्डेय
शब्द मेरी भावनाओं के चोले में
लबों तक ना लायी जा सके
वो बात हो तुम
जीने की लिए बेहद जरूरी
साज़ हो तुम
अकेले में घेर लेने वाली
बैचैनी हो तुम
करीबी से पनपता हुआ
गहरा दर्द हो तुम
अब तक का सबसे हसीन
अहसास हो तुम
इसलिए
बेहद खास हो तुम ।
-शालिनी पाण्डेय
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