Skip to main content

प्यारा दर्द

ये दर्द इतना प्यारा है कि
घंटों डूबे रहने को जी चाहता है
अब तो चाहत है कि
ये सारा मेरे भीतर ही समा जाए
और इस कदर ठहर जाए
जैसे ठहर जाता है आदमी इश्क़ में

-शालिनी पाण्डेय

Comments

Post a Comment