माँ

ये सच है कि कई बार
अपनी दुनिया में उलझे हुए
मैं भूल जाती हूँ
तुम्हें फ़ोन करना,

मैं कई बार तुमसे ये भी
नही पूछती कि
"क्या तुमने खाना खाया?
तुम्हें कोई तकलीफ तो नहीं?"

कई बार फ़ोन रखने से पहले
मैं भूल जाती हूँ तुमसे कहना-
"अपना ध्यान रखना"

लेकिन माँ,
अपनी सारी उलझनों में भी
तुम ये सब 
कभी भी नहीं भूलती....

- शालिनी पाण्डेय 




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