पटरी पर

देखो !!
समय की पटरी पर
जीवन भाग रहा है, 

कुछ फिसल गया
कुछ निकल गया
कुछ निकला जा रहा है...

बीते दिनों की ग्लानि लिए
भविष्य की अनिश्चितता लिए,
देखो !!
समय की पटरी पर
जीवन भाग रहा है। 

- शालिनी पाण्डेय 



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