मैंने चखना चाहा था

उस रोज
जब तेरी
जलती सिगरेट
कोे अपने होठों
पे रखकर मैंने
पहला कश लिया

मैंने चखना
चाहा था तेरे
भीतर के दर्द को
अपने होठों से।

- शालिनी पाण्डेय

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