वक़्त की चाल

वक़्त की चाल
कुछ टेड़ी सी होती है,
जैसे ही कदम मिलाने
की कोशिश करो,
ये तुम्हें उलझाकर
फ़िर आगे निकल जाती है।

- शालिनी पाण्डेय

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